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गुरुवार, 16 जनवरी 2020

बघेली कविता || अपढ़ मेहेरिया || कवि सैफुद्दीन सिद्दीकी सैफू जी ||


बघेली के महाकवि स्वर्गीय श्री सैफुद्दीन सिद्दीकी ''सैफू'' जी का जन्म अमरपाटन तहसील के ग्राम रामनगर जिला सतना ( मध्य प्रदेश ) में हुआ...

( बघेली कविता ' अपढ़ मेहेरिया ' सुनने के लिए इस लिंक को टच करें )
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बघेली महाकवि सैफुद्दीन सिद्दीकी सैफू जी की बघेली कविता

कवि सैफुद्दीन सिद्दीकी ''सैफू'' जी ने अपनी हास्य कविता "अपढ़ मेहरिया" के माध्यम से यह बताया है कि जब किसी अनपढ़ औरत का विवाह हो जाता है तत्पश्चात उसके ससुराल में उसकी क्या स्थिति होती है। साथ ही अंतिम की 4 पंक्तियों में कवि ने बेटे- बेटियों को शिक्षित होने पर जोर दिया है...

 कविता ~ कवि सैफुद्दीन सिद्दीकी "सैफू"
 प्रस्तुति ~ प्रियांशु "प्रिय"







बघेली ग़ज़ल - दतनिपोर है कक्‍का ।। Bagheli Ghazal - Datnipor hai Kakka

   बघेली ग़ज़ल  दतनिपोर है कक्‍का लड़िका खासा गोर है कक्का। लेकिन  दतनिपोर  है कक्का। नेताजी अब उचयं न घर से, का उनखे बरतोर है कक्का ? गरीब ...